महाराणा प्रताप की जीवनी (संक्षेप में)
परिचय महाराणा प्रताप मेवाड़ के शासक थे, जिनका नाम वीरता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। उनका जन्म 9 मई 1540 को कुंभलगढ़ (राजस्थान) में हुआ था। उनके पिता मेवाड़ के राजा उदय सिंह द्वितीय थे। शिक्षा व बाल्यकाल बचपन से ही युद्धकला, तलवारबाज़ी, घुड़सवारी और धनुर्विद्या में निपुण प्रताप बचपन से ही साहसी, आत्मसम्मानी और राष्ट्रभक्त स्वभाव के थे उनका प्रिय घोड़ा चेतक था जो अपनी वीरता और निष्ठा के लिए प्रसिद्ध है राज्याभिषेक 1568 में मेवाड़ पर मुग़लों के बढ़ते दबाव के बीच प्रताप का राज्याभिषेक हुआ। उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि जब तक मेवाड़ पूरी तरह स्वतंत्र नहीं होगा, तब तक वे महल, रेशमी बिस्तर और सुख-सुविधाओं का उपयोग नहीं करेंगे। मुग़लों से संघर्ष अकबर ने कई बार मेल-जोल और संधि का प्रयास किया, पर महाराणा प्रताप ने स्वतंत्रता को सर्वोपरि मानते हुए इसे अस्वीकार कर दिया। हल्दीघाटी का युद्ध (1576) यह युद्ध महाराणा प्रताप और मुगल सेना (मान सिंह के नेतृत्व में) के बीच लड़ा गया। प्रताप ने अत्यंत वीरता से युद्ध किया चेतक ने गंभीर रूप से घायल ह...